Deva Ki Raasleela (Indian sex stories)-Part 65

देवा, आहह काकी क्या कर रही हो तुम। कोमल, ज़ोर से देवा के लंड को पायजामे में मरोड़ देती है।। देवा, आहह पागल हो गई हो क्या। कोमल, हाँ देवा पागल हो गई हूँ मै । जबसे मैंने तुझे कौशल्या और उसके बाद देवकी को पागलों की तरह चोदते हुए देखा है। तू अपनी भाभी और मामी को चोद सकता है तो अपनी बहन के होने वाली सास को क्यों नहीं चोद सकता। देवा, तुम क्या कह रही हो काकी मुझे समझ में नहीं आ रहा। कोमल, अच्छा तुझे समझ में नहीं आ रहा। क्या देख रहा था तू फिर और ये इतना बड़ा क्यों हो गया है मुझे देख कर। देवा , समझ जाता है की अब मासूम बनने का वक़्त नहीं अब दुश्मन को राउण्ड ड़ालने का वक्त है तो कोमल को पकड़ के अपने बिस्तर पर गिरा देता है और उसके ऊपर चढ़ के दोनों हाथों से उसके बड़े बड़े संतरो को मसलने लगता है। कोमल, हाय बेटा सारा रस निकाल के पी जा आह्ह्ह्ह। देवा, तेरी गाण्ड और तेरे इन दोनों ख़रबूज़ों को देख मेरा लंड खड़ा हो गया है काकी अब तू खुद इन्हें लेकर मेरे पास आई है अब मै तुझे नहीं छोड़ूँगा गलप्प गलप्प। कोमल, मैं भी तो यही चाहती हूँ तो मुझे न छोड़े बस मुझे इसे मुँह में लेने दे। पहले मेरा मुँह सुख चूका है इसकी याद में। देवा, ले ले मेरी काकी। तू भी चख ले देवा का लंड। कोमल, पैजामा खोल के उतार देती है और लहराता हुआ देवा का लंड हाथ में पकड़ लेती है। हाय दैया ये तो मुठी में भी नहीं आ रहा। देवा, मुँह में जाएगा तेरे चल पहले चाट इसे। कोमल झुकती है और पलक झपकते ही देवा का लंड ग़ायब हो जाता है कोमल अपने हलक के अंदर तक उसे उतार देती है गलप्प गलपप। देवा भी दोनों हाथों में मज़बूती से कोमल की ब्रैस्ट को पकड़ के उन्हें किसी भैस के थन की तरह निचोडने लगता है। जैसे कोई दूध दुहने वाला अपने भैंस का दूध दुह रहा हो। अपने ब्रैस्ट को इतने गरम हाथों में पा कर कोमल का बदन ऐठने लगता है और वो और ज़ोर जोर से देवा के लंड को चुसने लगती है।
मगर देवा देवा था कम से कम देवा औरत के मुँह की गर्मी से झड जाने वालों में से वो नहीं था। देवा का लंड कोमल की गाण्ड देख कर ही खड़ा हो चूका था । वो और देर न करते हुए कोमल को लिटा देता है और अपने लंड को उसके मुँह के पास से लेकर नीचे सरकता हुआ नाभी से होता हुआ चूत पर आकर रुक जाता है। कोमल साँसें रोके उस पल का बेसब्री से इंतज़ार करने लगती है जब ये ज़ेहरीला नाग उसे अंदर जा घुसेगा। और उसे ज़्यादा इंतज़ार नहीं करना पडता । देवा एक झटके में लंड कोमल की चूत में ठोक देता है। कोमल की कमर ऊपर की तरफ उठती है। हाय मर गई मै तो आह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह। ऐसे भी कोई घुसाता है भला। देवा, ऐसे ही घुसाया जाता है काकी आहह आहह। ऐसे ही चोदा जाता है छिनाल रंडी को ले साली आह्हह्हह्हह्हह। कोमल , हाँ मेरे राजा सच कहा तूने असली मरद ऐसे ही चोदते है आह्ह्ह्ह। मगर तू उधेड के रख देगा मेरी चूत को माँ नही ना। वह कमर भी उछाल रही थी और चीख भी रही थी उसकी चीखें बंद करने के लिये देवा को अपना मुँह उसके मुँह से लगाना पडता है और गुं गुं की आवाज़ से कोमल की चुदाये करने लगता है। उसके लंड में वो ताकत थी की साँस रुकवा दे । दो मिनट भी नहीं होता और कोमल को पसीना छूटने लगता है। चूत की दिवार रह रह कर बस बस करने लगती है मगर देवा एक बार चोदना शुरु करने पर वो किसी के कहने पर नहीं रूकता था। वो अपने लंड को इतनी अंदर डालते हुए कोमल को चोदने लगता है की कोमल निढाल सी हो जाती है अपनी गाण्ड पर नाज़ करने वाली कोमल का सामना अब असली मरद से हुआ था। देवा, दोनों हाथों से उसके ब्रैस्ट को मसलते हुए होठो को अपने मुँह में लेकर चुसते हुए सटा सट सटा सट लंड चूत के अंदर बाहर अंदर बाहर करते चले जाता है। हर धक्का कमर तोड़ देने वाला था देवा का। देवा को लगता है की उसका लंड पूरी तरह से कोमल की चूत में नहीं घुस पा रहा है। वो लंड बाहर निकाल लेता है । लंड के बाहर आते ही कोमल चैन की साँस लेती है मगर अगले ही पल जब देवा कोमल को उल्टा करता है और अपने दोनों हाथों में उसकी कमर को पकडता है तो कोमल समझ जाती है की क्या होने वाला है। कोमल, आहह मार के दम लेगा क्या देवा आह्ह्ह्ह। देवा, चुप कर साली मुझे बीच में टोकने वालों पर बहुत ग़ुस्सा आता है। वो अपने लंड को पीछे से कोमल की चूत पर लगा देता है और उसे धीरे धीरे अंदर अंदर और अंदर तक पहुंचा देता है। कोमल के मुँह से चीख निकल पडती है और उसकी चीख सुनकर प्रिया जग जाती है।
देवा के साथ साथ कोमल भी पसीना पसीना हुए जा रही थी। देवा की कमर इतनी तेजी से आगे पीछे होने लगती है की कोमल को अपना हाथ अपने मुँह पर रख कर अपनी चीखें दबानी पडती है। गुं गुं गुं की आवाज़ें फिर भी पूरे रूम में गूंज रही थी। प्रिया, कोमल की आवाज़ से जग चुकी थी । वो बिना आवाज़ किये अपने रूम के दरवाज़े के पास चली आई और जैसे ही वो सामने का नज़ारा देखती है उसकी साँस हलक में अटक से जाती है। उसकी माँ अपने होने वाली बहु के भाई से ऐसे पांव पसारे चुद रही है। ये देख उससे बहुत ग़ुस्सा आता है मगर अगले ही पल कोमल के मुँह से निकलती सिसकियाँ उसे बतला देती है की सब कुछ उसकी माँ की मर्ज़ी से हो रहा है। प्रिया के लिए नाक़ाबिल बर्दाश्त वाली बात थी। वो ये सब नहीं देख सकती थी। वो पलट कर अपने बेड पर आकर बैठ जाती है और सोचने लगती है की माँ को क्या हो गया है वो क्यों अपनी इज़्ज़त की धज्जियां उड़ा रही है। कोमल, आहह देवा । कुतिया समझ रखा है क्या तूने मुझे। प्रिया, फिर से चौंकती है और इस बार उसका दिल अपने दिमाग के हाथों हार जाता है और कदम खुद ब खुद दरवाज़े की तरफ बढ़ जाते है। वो फिर से वहीँ आकर छुप कर खड़ी हो जाती है। उसकी माँ कुतिया की तरह झुकी हुई थी और देवा पीछे खड़ा अपने लंड पर तेल लगा रहा था। देवा, काकी तेरे जैसे मोटी गाण्ड वाली औरतें मुझे बहुत अच्छी लगती है दिल तो करता है ऐसी गाण्ड को रोजाना चोदता रहूँ । हाय साली ने क्या कमर बनाई है अपनी। रोज़ किस से चुदवाती हो काकी। कोमल, अरे कहाँ बेटा ये तो ऐसे ही बाहर निकल आई है।। ऊई माँ वहां नहीं……. बेटा दर्द होगा मुझे भी और तुझे भी। देवा, फिर कहाँ। कोमल, चुत मार मेरी। वो बाद में दे दूंगी। देवा, कुछ सोचते हुए अपने लंड को कोमल की चूत पर लगा देता है और दोनों हाथों में कोमल के बड़े बड़े बाहर को निकले हुए कमर पकड़ के अपना लंड पीछे से चूत में पेल देता है एक आहह सी कोमल के मुँह से निकलती है और वो ज़मीन चाटने लगती है। देवा, का लंड अपने शबाब पर था उसकी नज़र काफी वक़्त से इस फैली हुई गाण्ड पर थी । आज उसने सोच ही लिया था की चाहे कुछ भी हो जाये वो कोमल की गाण्ड मार कर ही रहेगा। वो तो बस कोमल की चूत मार कर उसे उतेजित कर रहा था।
देवा के लंड से निहाल हो चुकी कोमल अपना सर इधर उधर घुमाने लगती है। मरद क्या होता है और लंड की मार कैसे होती है उसे आज पता चल रही थी वो जैसे ही पीछे पलट कर देखती है देवा अपना लंड चूत से बाहर निकाल के झट से गाण्ड की सुराख़ पर लगा देता है। कोमल, नही बेटा वहां नही न । मार डालेंगा ये मुआ मुझे। तूझे कहा न मैंने बेटा नही ना। देवा, चुप कर साली बहुत हो चूका। वो बिना रुके सटा सट सटा सट तीन चार ज़ोरदार थप्पड कोमल की गाण्ड पर जड़ देता है ये देख प्रिया के तनबदन में आग लग जाती है देवा न सिर्फ उसकी माँ को चोद रहा था बल्कि उस पर हुक्म भी चला रहा था। वो देवा को खरी खोटी सुनाना चाहती थी मगर उसके कदम एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। उसका हाथ पेट से सरकते हुए नीचे बढ़ता चला जाता है और उसे हैरत भी होती है खुद पर की वो अपनी माँ को पराए मरद से ऐसे चुदता देख इतनी उत्तेजित हो रही है। प्रिया, अपने हाथ से अपनी चूत को कुरेदने लगती है और इधर कोमल सिहर जाती है। जब देवा अपने लंड को कोमल की गाण्ड पर घीसने लगता है। कोमल, आहह मार डाल मुझे ज़ालिम आहह मार दे आज इससे मुझे उन्हह। देवा, अपने लंड पर थूक लगाकर उसे कोमल की गाण्ड में उतारने लगता है कमर बड़ी थी मगर कोमल की गाण्ड का सुराख़ सच में छोटा था । देवा को भी दर्द होने लगता है और उससे ज़्यादा कोमल को । वो अपने मुँह में तकिया दबा लेती है मगर उसके जिस्म की तड़प सामने खड़ी प्रिया साफ महसूस कर सकती थी। अपनी माँ को इतने दर्द में देख कर भी प्रिया का जिस्म थरथराने लगता है । उसकी नज़र देवा के लंड पर जम जाती है और धीरे धीरे सरकता हुआ वो काला साँप कोमल के छोटी सी बिल में चला जाता है। एक चीख़ कोमल के मुँह से निकलती है और वो चीख़ सुनकर प्रिया की चूत से पानी बहने लगता है। कोमल, देवा आहह मेरी कमर दुःख रही है ना नाही ना रुक जा। देवा, बस हो गया काकी थोड़ा दर्द नहीं सह सकती तू मेरे लिए आह्ह्ह्ह। कोमल, अरे ज़ालिम तेरे लिए तो अब मै अपनी जान भी दे दूँ।ऐसा दर्द असली मरद ही दे सकता है औरत को आहह। बेटा धीरे धीरे कर ना।

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