Deva Ki Raasleela (Indian sex stories)-Part 68

कोमल, बापू को बतायेगी जा बता जा कर छिनाल अगर तुझे इतना ही बुरा लग रहा है तो ये तेरी चूत क्यों गीली हो रही है। वो अपनी गीली उंगलिया प्रिया को देखाती है और उसके होठो पर रख के चूत की पानी से भिगे हुए वो उंगलिया प्रिया के मुँह में डाल कर उसे चटवाने लगती है अपनी ज़ुबान पर अपने ही चुत का नमकीन पानी चख कर प्रिया के जिस्म में सनसनाहट सी पैदा हो जाती है। कोमल, देवा के ऊपर चढ़ जाती है। इसकी फिकर मत देवा ये क्या करेंगी हमारा। तू फिकर मत कर तेरी बहन इसी घर की बहु बनेंगी और हाँ इससे डरने की भी ज़रूरत नहीं है। वो अपने हाथ से देवा के लंड को सहलाने लगती है। कोमल की हिम्मत बढाने वाली बात सुनकर देवा का डर भी काफी हद तक चल जाता है और उसे भी लगने लगता है की अगर वो प्रिया के सामने कोमल को चोद देंगा तो प्रिया अपना मुँह बंद रखेंगी। कुँवारी चूत को उसकी मर्ज़ी के बिना चोदना खतरे से खाली नहीं होता यही बात सोच कर देवा उस वक़्त प्रिया को हाथ नहीं लगाता और अपने दोनों हाथों से कोमल की मोटी गाण्ड को मसलने लगता है पास में लेटी हुई प्रिया ऑंखें बंद कर लेती है।। कोमल, आहह हाय देवा अब घूस्सा भी दे मेरी ओखली में अपना मूसल। आह देख न कैसे मचल रही है तेरे लंड को खाने के लिए तेरी बहन की सास की चूत।आह्ह्ह देवा, मुँह में ले कोमल। वो प्रिया की तरफ देख कर कहता है। और कोमल बिना किसी शर्म के देवा के लंड पर टूट पडती है अपने हाथों में उस खिलौने को लेकर वो बड़े प्यार से कमर हिलाते हुए लंड का सुपाडा मुँह में लेकर चटकारे मारते हुए चाटने लगती है गलप्प गलप्प….. देवा, प्रिया का हाथ खीच कर उसे अपनी छाती से लगा लेता है। देख ना तेरी माँ कैसे लंड चाट रही है तू नहीं चाटेगी प्रिया। प्रिया, कुछ नहीं कहती और नीचे अपनी माँ की तरफ देखने लगती है। कोमल अपनी धुन में लगे हुई थी उसे तो और भी मस्ती चढ रही थी ये सोच सोच कर की वो ये सब अपनी बेटी के सामने कर रही है।
देवा, लंड को बाहर निकाल के कोमल के गाल पर मारने लगता है। छिनाल ठीक से चाट इसे पूरा गिला कर दे इसे आज तेरी गाण्ड भी मारूँगा मै । क्यों प्रिया। प्रिया उस वक़्त ऐसे फँसी थी की उसकी समझ में नहीं आ रहा था की क्या करे। एक तरफ उसकी अपनी माँ थी जो लंड चाट रही थी और चुदने को बेताब थी और एक तरफ वो खुद थी जो चाह कर भी वहां से उठकर नहीं जा पा रही थी। देवा, इधर आ मेरी जान। कोमल, देवा के लंड पर चढ़ कर बैठ जाती है अभी तक वो ज़ालिम अंदर नहीं गया था बस ऊपर से कोमल की चूत पर ठोकर मार रहा था। देवा, कमर ऊपर उठा ज़रा सी। कोमल, अपनी कमर ऊपर उठाती है और देवा अपने लंड को हाथ में पकड़ कर लंड चूत के मुहाने पर लगा देता है। कोमल, उन्हह अहह मर गई रे इतना बड़ा आहह माँ। वह खड़े लंड पर बैठते चली जाती है। देवा, दोनों हाथों से कोमल की कमर को पकड़ के सटा सट दनादन कोमल को चोदने लगता है। आह क्या चूत है तेरी कोमल काकी। आह्ह मेंरा लंड निकलने का नाम नहीं लेता इसमें से आह्ह्ह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्हह । कोमल, अपनी बेटी प्रिया की ऑखों में देखते हुए उन्हह तेरी ही है राजा आहह मार धक्का ज़ोर से उह्ह्ह्ह्ह्ह्। अमा जान निकाल देता है तेरा लंड देवा….. देवा, प्रिया की तरफ देखता है। वो चोर नज़रों से सब देख रही थी उसकी चूत से कतरा कतरा पानी बाहर निकल रहा था जवान लड़की कब तक खुद को रोक सकती है। देवा, अपना हाथ प्रिया के चूत पर रख कर कोमल को चोदने लगता है । अपनी चूत पर देवा का हाथ लगते ही प्रिया ऑखें बंद कर लेती है और देवा उसे सहलाने लगता है। कोमल भी सब देख रही थी और उसे भी इस सब में बहुत मजा आ रहा था। कोमल, उसे छोड और अपनी काकी को चोदता जा बेटा आह्ह्ह्ह्ह्ह। मेरा देवा बेटा आहह अगर तू सच में मेरा बेटा होता न तो तुझसे रात दिन मरवाती अपनी चूत और गांड। मै अपनी भी और मेरी बेटी की भी मरवाती।
कोमल की बात सुनकर देवा को रत्ना की याद आ जाती है वो भी तो रत्ना को ममता के साथ मिलकर कस के चोदना चाहता था । देवा कोमल का चेहरा पकड़ लेता है अब उसे वो कोमल नहीं रत्ना नज़र आने लगती है। और देवा के धक्कों की रफ़्तार इतनी तेज़ हो जाती है की कोमल सिहर उठती है। कोमल, आह ओहह माँ रुक जा रुक जा आहह नहीं नहीं न उन्हह फट जाएँगी देवा आह्ह्ह्ह। वो सच में जानवरों की तरह कोमल को चोदने लगता है। उसकी चुदाई देख प्रिया भी डरने लगती है की अचानक ये इसे हो क्या गया है। किसी भूखे जानवर की तरह अपने शिकार पर झपटता हुआ देवा कोमल के चूत को बच्चेदानी तक खोल कर रख देता है और कोमल की चूत से पानी की नहर बहने लगती है। कोमल, माँ वो हरामी क्या हो गया है रे तुझे आहहह्ह्ह्हह्ह। देवा, वहीँ नहीं रुकता वो कोमल को प्रिया के सामंने कुतिया बना देता है और पीछे से उसकी गाण्ड पर लंड लगा कर कोमल के बाल खीचते हुए गपा गप गपा गप कोमल की गाण्ड मारने लगता है। कोमल के पैर काँपने लगते हैं वो पानी पानी करती है चीखने से उसका गला सूखने लगता है मगर देवा तो रत्ना को अपनी ऑंखों में बसा कर जैसे पागल हो गया था। प्रिया काँपने लगती है उसने आज तक एक दो मर्तबा चुदाई देखी थी मगर आज जो उसकी ऑखों के सामने हो रहा था वो कुछ और ही था। कोमल के मुँह से निकलते चीखें दिल दहलाने वाली थी मगर बेरहम देवा कोई रहम नहीं करने वाला था। वो कोमल की चुत्तड़ को थप्पड मारता हुआ बाल खीचते हुए दना दन दना दान गाण्ड मारने लगता है। कोमल, माँ मर जाऊँगी देवा बेटा निकाल ले ना। आह्ह्ह्ह्ह् नहीं कहूँगी तुझे अब कभी चोदने के लिये आहह बेटा बेटा छोड दे। इधर कोमल के मुँह से बेटा बेटा निकल रहा था और एक बेटा अपनी माँ की चूत को याद करके एक गाण्ड की धजिज़यां उड़ा रहा था। देवा को 20 मिनट बाद तब होश आता है जब पच पच की आवाज़ के साथ झड़ने लगता है। वो कोमल की गाण्ड की तरफ देखता है वहां से खून निकल रहा था। देवा झट से अपना लंड बाहर निकाल लेता है और लंड बाहर निकालते ही कोमल बिस्तर पर गिर पडती है। वो तकरीबन तकरीबन बेहोश सी हो गई थी। देवा एक नज़र प्रिया की तरफ देखता है और फिर अपने कपडे उठा कर दूसरे रूम में चला जाता है।
देवा अपने लंड को साफ़ करके बिस्तर पर सोने चला जाता है और कोमल अपनी जलती हुए गाण्ड की दर्द से कराहने लगती है।। कोमल, हाय ज़ालिम ने ऐसा दर्द दिया है की लेटा भी नहीं जा रहा। पास में चुप चाप बैठी प्रिया के ऑखों में जैसे खून उतर आया था इतना सब कुछ हुआ था उसकी ऑंखों के सामने मगर देवा ने उसे अपने नीचे लेने की कोशिश भी नहीं किया था। उधर हवेली में शराब का दौर शुरु था। विक्रान्त हिम्मत राव की कमज़ोरी जानता था। एक बार हिम्मत को जी भर के शराब पीला दी जाये उसके बाद वो अपने गाण्ड भी सामने वाले को देने को तैयार हो जाता है। रानी और रुक्मणी अब तक विक्रांत के सामने नहीं आई थी। बस खिडकी की आड़ से दोनों ने विक्रांत को देखा था और उसे देख कर दोनों बुरी तरह डर भी गई थी। विक्रान्त, एक डरावना किस्म की शख्सियत का आदमी था । 6 फिट लम्बा। जिस्म किसी पहलवान की तरह। चेहरे पर चाक़ू के घाव का एक निशान था जो झडप में किसी के हाथों चाक़ू लगने से बना था। विक्रान्त, पैक पर पैक हिम्मत राव को पिलाता जा रहा था और हर बढ़ते पैक के साथ हिम्मत राव और मदहोशी के आलम में जा रहा था। जैसे जैसे उस पर शराब का नशा चढ़ रहा था वैसे वैसे वो बडबडाने लगा था। विक्रान्त, सेठ एक बात पूंछू। हिम्मत, हाँ पूछ ना। बिक्रान्त, देवा को किस चीज़ से मारना है। चाकू से गला काटना है या गोली मारना है। हिम्मत, गोली से नहीं गांव में सबको पता है की सिर्फ मेरे पास बन्दूक है।।आने तो दो उसे…. हरामी को आने तो दो । उसका तो मै वो हाल करुँगा की कोई पहचान भी नहीं पाएंगा उसकी लाश को। विक्रान्त, इतनी नफरत क्यों है देवा से सेठ। हिम्मत, उस साले की खानदान से नफरत है मुझे। उसका बाप एक नंबर का हरामी था । अच्छा हुआ मर गया और सबसे ज़्यादा कमिनी है उसकी माँ रत्ना है। साली मक्खन की तरह है हाथ भी नहीं रखने देती। चिकनी एकदम। बस देवा इधर मरा। उधर रत्ना मेरी हुई। साली को रस्सी से बाँध कर चोदूँगा देखना तुम विक्रांत। विक्रान्त, और वो शालु की बेटी का क्या। हिम्मत, क्या तू भी उस साली पर नज़र डाल बैठा है अरे एक से एक लौंडिया हैं गांव में वही क्यूं।

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