Deva Ki Raasleela (Indian sex stories)-Part 71

देवा, रत्ना के पास आकर दो डिबियाँ उसके हाथ में रख देता है। रत्ना, क्या है ये। देवा, खुद देख लो। रत्ना, जब एक एक करके वो डिबियाँ खोलकर देखती है तो हैरान रह जाती है देवा सच में दो मंगलसुत्र लेकर आया था।। रत्ना, ये सब क्या है देवा। देवा, अपनी माँ रत्ना को अपनी छाती से लगा लेता है। माँ ये मेरा प्यार है मै तुझे अपनी पत्नी बनाना चाहता हूँ माँ। तूझे सब कुछ देना चाहता हूँ। मै तुझे देवा की रत्ना बनाना चाहता हूँ माँ। रत्ना, काँपने लगती है। देवा पागल मत बन ये पाप होगा मै तेरी माँ हूँ। मैने तुझे जनम दिया है बेटा। देवा, मुझे कुछ नहीं सुनना। मै चाहता हूँ तुम लाल शादी वाली साडी पहनकर मेरे रूम में आओ। और मै तुझे अपने हाथों से ये पहना कर अग्नि को साक्षी मान कर तुझे हमेशा हमेशा के लिए अपना बनाना चाहता हूँ। अब मुझसे एक पल भी रहा नहीं जा रहा। रत्ना, दोनों डिबियाँ अपने पास रख लेती है। और एक हल्की सी चपत देवा के गाल पर मारती है। नही ऐसा मै कभी नहीं होने दूँगी। तु मेरा देवा है मेरा बेटा है। बेटा ही बनकर रहेगा। तेरे लिए मै अच्छी सी लड़की लाऊँगी जो तुझे ठीक कर देगी । बड़ा आया मुझसे शादी करने वाला। चल जा यहाँ से उसकी आवाज़ में न वो ग़ुस्सा था और न वो नफरत थी जो एक माँ की आवाज़ में आ जाता है जब कोई बेटा ऐसी नाजायज़ मांग करता है। देवा, मुस्कुरा देता है अब मुझे यक़ीन हो चला है की मेरी माँ जल्द ही मेरे बाहों में होंगी। तुझसे एक बात कहना था। नीलम को यही रोक लो आज की रात वैसे भी ममता शादी की बात को लेकर थोड़ी परेशान लग रही है मुझे। उसका दिल भी बहल जायेगा। रत्ना, हाँ नीलम को तो मै रोकने ही वाली थी। नीलम, चाय बना कर वहां ले आती है और देवा की तरफ बढाती है। देवा, हाथ में चाय लेने के बहाने नीलम को छु लेता है।। एक तरफ हवस का मारा देवा औरत को अपने नीचे पटक पटक के चोदने के लिए तैयार रहता था। मगर नीलम का सामना होते ही उसका हाल बेहाल हो जाता था न कुछ वो ठीक से बोल पाता था और न उसे होश रहता था की वो कर क्या रहा है।
देवा रात का खाना खाने के बाद टहलने का कहकर शालु के घर की तरफ चला जाता है। शालू के घर में पहुंचकर देवा सीधा शालु के रूम में घुस जाता है। शालु और रश्मि अभी अभी खाना खाकर उठे थे और पप्पू लेटा हुआ था। पप्पू, अरे देवा कब आया बैठ। देवा, रश्मि और शालु को देख बिस्तर पर बैठ जाता है। रश्मी जाकर दरवाज़ा बंद कर देती है। वो शालु से पहले ही बता चुकी थी की देवा रात में आयेगा । ये सोच सोच कर दोनों माँ बेटी की चूत में इतना सारा पानी जमा हो गया था की बाढ़ आ जाए। अपनी माँ के सामने अपने प्रेमी से चुदना और अपने बेटा बेटी के सामने अपने होने वाले दामाद से गाण्ड में लेना ये सुख हर किसी को प्राप्त नहीं होता। इधर उधर की बातें करने के बाद देवा रश्मि का हाथ पकड़ के अपनी तरफ खीचता है। रश्मी, आहह क्या कर रहे हो छोड़ो भी। देवा, ले अब शरमा रही है चल इतने दिन बाद मिले है ज़रा एक मीठी मीठी पप्पी दे दे। रश्मी, अपने माँ और भाई से शरमाने लगती है अगर वो अकेली होती तो खुद देवा पर झपट पडती। देवा, देख मेरी सास बिलकुल नहीं शरमाती। शालु यहाँ आओ मेरे गोद में। शालु, कमर हिलाते हुए देवा के सामने आकर खड़ी हो जाती है। और देवा शालु को खीच कर अपने गोद में बैठा लेता है। शालु, अहह धीमी आवाज़ में कहती है। बेशरम। देवा, अपना हाथ को शालु की कमर पर फेरता हुआ शालु के होठो को चुमने लगता है।शालू सुबह से इतनी गरम थी की वो भी अपने ज़ुबान देवा के मुँह में घुसेड कर उसको चुमने लगती है गलप्प गलप्प गलप्पप्प गलप्पप्प। देवा, बहुत याद आ रही थी शालु तेरी मुझे । सच कहूं तो तेरे और रश्मि जैसी औरत मुझे नहीं मिली आज तक। शालु, आहह जमाये राजा मुझे भी बहुत याद आ रही थी देखो न मेरी चूत कैसे पानी बहा रही है आपको देख कर। देवा, मुझे देख कर नहीं मेरी जान मेरे लंड को सूँघ ली है तेरे चूत ने गलप्प गलप्प। रश्मी, भी दोनों के क़रीब चलि आती है और देवा का मुँह शालु के मुँह से हटा कर अपने होठो से लगा लेती है। पिछले कई दिन से पप्पू दोनों औरतों के जिस्म को शांत करने की नाकाम कोशिश कर रहा था मगर जिस आदमी से एक औरत खुश नहीं रह सकती। वो दो को क्या सँभालेंगा।
रश्मी भी पप्पू के धक्कों से हलकी हलकी चीखने लगती है असली मजा शालु को आ रहा था। मगर इस बार पप्पू भी हार मानने वालों में से नहीं था। देवा की चुदाई देख वो भी रश्मी की दोनों पैरों को खोल कर सटा सट अपने लंड को आगे पीछे करने लगता है। रश्मी, आहह चोद मेरे गांडु भाई अपनी छिनाल बहन को वरना अपने यार से चुदवाऊँगी मै ।आहह मार साले ज़ोर से अंदर तक आह्हह्हह्हह्हह। पप्पु, छिनाल साली रंडी तू भी अपने माँ की तरह है पक्की रंडी है। रश्मी, हाँ गांडु रंडी हूँ मैं देवा की…. चोदता जा मुझे…..एक लौंडा देवा जैसा पैदा कर लेती माँ आह्ह्ह्ह शालु, तू पैदा कर ले देवा के लंड से रश्मि आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह। अपने नानी को चुदने के लिए आह्ह्ह। देवा, शालू को खड़ा कर देता है और पप्पू रश्मि को। दोनों भी शालु और रश्मि को एक दूसरे से चिपका लेते है शालु के बड़ी बड़ी ब्रैस्ट रश्मि के नरम ब्रैस्ट से घीसने लगती है चूत से चूत और पेट से पेट। पप्पू, अपनी जगह बदल कर शालु की कमर के पीछे आ जाता है और देवा रश्मि की गाण्ड पर अपना लंड घीसने लगता है। देवा, फिकर क्यों करती है रश्मि। तेरा देवा तुम तीनो के सुराख़ को भर देंगा आज। बस देखती जा तु। पप्पू, अपना लंड शालु की चूत में ड़ालता है और देवा रश्मि की छोटी हो चुकी चूत को फिर से चीर देता है। रश्मी: चीखने लगती है। माँ मर गई मैं……… शालु, अपनी बेटी को अपनी बाहों में जकड लेती है और अपने होठो को रश्मि के होठो से लगा कर उसकी आवाज़ को दबा देती है। दोनो दोस्त सटा सट गपा गप अपने लंड को माँ बेटी की चूत में पेलने लगते है। पहली बार था की शालु रश्मि से ऐसे चिपके हुई थी शर्मा हया तो जैसे इनमें बची ही नहीं थी। किसी रंडी के तरह ये दोनों हो चुकी थी जिन्हें बस देवा का लंड रास आता था। और देवा इस सब से बहुत खुश भी था। शालु, देवा आहह रोज़ चोदने आयेगा न मुझे आह्हह्हह्हह्हह। अब एक दिन भी नहीं रहा जाता रे ज़ालिम लंड के बिना। देवा, हाँ शालु रोज़ चोदूँगा तुझे। हर रोज़ ऐसे ही आह्ह्ह्ह। रश्मी की चूत देवा के लंड के आगे हार मान लेती है और वो झरने लगती है । शायद रश्मि ये सोच सोच कर ही झड गई थी की वो ये सब अपने माँ और भाई के सामने कर रही है। देवा अपना लंड रश्मि की चूत से निकाल लेता है और पप्पू को नीचे लेटने के लिए कहता है। पप्पू नीचे लेट जाता है और उसके लंड पर शालु सवार हो जाती है और शालु के कमर पर देवा चढ़ जाता है और अपना मोटा लंड शालू की गांड में पेल देता है। दोनो एक साथ शालु की चूत और गाण्ड में लंड घूस्सा देते है। और शालु अपना होश खो बैठती है।
शालु, आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् माँ आह्ह्ह्ह मार डाला रे दोनों ने उह्ह्ह्ह। देवा, चुप कर साली तुझे बहुत शौक है ना अपने दोनों सुराखों में लेने कर अब चीख क्यों रही है। शालु, आहह इतने ज़ोर से डालेंगा तो दर्द होंगा न हरामी आह्ह्ह्ह। देवा बेरहम था उसे चीखने वाले पर और गुस्सा आता था और वो जम कर उसे चोदता चला जाता था। शालु के साथ भी वो यही करता है। पप्पू तो अपना पानी थोडी देर बाद शालु की चूत में निकाल कर निढाल हो जाता है मगर देवा शालु की सारी मनोकामना पूरी करता रहता है। वो रश्मि और शालु दोनों को दिवार से खड़ा करके दोनों की कमर को पीछे की तरफ झुका कर बारी बारी एक के चूत में तो दूसरे के गाण्ड में ठोंकता जाता है। शालू: आह्ह देवा तेरा लंड किसी घोड़े की तरह है मेरी गांड को पूरा फाड़ दिया है। अब देवा ने शालू को ऊपर मुँह करके सीधा लेटाया और उसके ऊपर रश्मि को उल्टा लिटा दिया।अब दोनों माँ बेटी की चूचियाँ एक दूसरे से दब गई।और दोनों एक दूसरे को चूसने लगी। ऊपर से देवा ने रश्मि की गांड पर थूक दिया और एक ही झटके में अपने पूरे लंड को उसकी गाण्ड में उतार दिया।रश्मि की गांड फटती चली गई और लंड पूरा घुसता चला गया।अब देवा रश्मि की टाइट गांड में अपना मूसल लंड पेलने लगा।फिर उसने अपने लंड को रश्मि की गाँड से निकालकर शालू की गीली चूत में पेल दिया। शालू की चूत पूरा पानी छोड़ रही थी।जिसमे लंड फच फच कर रहा था। कुछ देर शालू की चूत में पेलने के बाद फिर देवा ने अपने लण्ड को शालू की चूत से निकालकर रश्मि की मस्तानी गांड में पेल दिया।अब तो लण्ड रश्मि की गांड में पूरा जड़ तक घुसा के पेल रहा था। एक मिनट रश्मि की गांड में पेलता फिर एक मिनट शालू की चूत में पेलने लगता। लेकिन इस बार देवा ने लंड रश्मि की चूत में पेल दिया।रश्मि अपनी गांड हिलाने लगी।देवा कुछ देर और पेलने के बाद ने लंड को फिर से रश्मि की कसी हुई टाइट गांड में ही पेल दिया। रश्मि दर्द से सिसियाने लगी।जब थोड़ी देर हुई तो शालू बोली।
शालू: देवा क्या कर रहे हो।कितनी देर से सिर्फ मेरी बेटी को ही चोद रहे हो।इधर मेरी चूत में खुजली हो रही है।जल्दी पेल ने देवा।फाड़ डाल मेरी चूत को। देवा: आह्ह्ह साली रंडी। तेरी बेटी की गांड में मेरा लंड फँस गया था।इसलिए देर हो गई।आज इसकी गांड और बुर पूरा खोल दूँगा तेरी तरह।मैं चाहता हूँ की रश्मि जब यहाँ से जाए तो इसके पेट में मेरा बच्चा हो।क्यों मेरी रंडी बनेगी मेरे बच्चे की माँ…. रश्मि: हाँ देवा …. मुझे माँ बना दे। गाभिन कर दे अपनी रश्मि को। देवा जोश में आ जाता है और दोनों माँ बेटी को एक दूसरे के ऊपर कुतिया बना देता है पहले शालू को कुतिया बना देता है फिर उसके ऊपर रश्मि को।अब देवा के पास चार छेद है दो गांड दो चूत।वह शालू की मोटी गांड में अपना लंड एक ही झटके में पेल देता है।शालू दर्द से कांप जाती है। देवा जोर जोर से माँ बेटी की चूत और गांड चोदने लगता है।दोनों रंडियो को देवा चूत और गांड तो मारता ही है साथ में अपने थप्पड़ों से दोनों की चूतड़ो को लाल कर देता है।फिर अपना वीर्य रश्मि की चूत में गिराता है ताकि वो जल्दी माँ बने।शालू देवा के लंड को चाटकर पूरा साफ़ कर देती है। 2 घंटे के चुदाई के बाद वो शालु और रश्मि को दमा दम करने के बाद अपने घर के लिए बाहर निकलता है। इस बात से अन्जान के कोई उसका इंतज़ार कर रहा है। जैसे ही देवा अँधेरे रास्ते पर आता है जहाँ बिलकुल अँधेरा था। वो अपने घर से थोड़े दुरी पर था। थकान के कारण देवा धीरे धीरे चल रहा था की तभी विक्रांत पीछे से देवा के सर पर ज़ोरदार हमला करता है वो एक शीशम की लकड़ी से देवा के सर पर वॉर करता है। देवा, माँ आआआआआआआ……. कहकर चक्कर खाकर घुमता है। विक्रान्त दुसरा वार करता है और दूसरे वार से देवा सीधा ज़मीन चाटने लगता है। उसके सर से खून की धार बहने लगते है और वो एक बार और चीखता है। माँ आआआआआआ….. उसकी आवाज़ दिल दहला देने वाली थी। विक्रान्त, वहां से भाग जाता है। देवा की ऑंखों के सामने अपनी सारी ज़िन्दगी घूम जाती है।

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *